
बस्तौरा के समीप पहुंची गंगा नदी
नदी
ठोकरों की मरम्मत नही होने के चलते बस्तौरा के समीप पहुंची गंगा
ग्रामीणों की माने तो लगभग एक दरक पूर्व गंगा में हो रहे भयकर कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बस्तौरा के सामने गंगा में ठोकरे लगाने के कार्य किया गया था। लेकिन ठोकरे लगाने के बाद विभागिय अधिकारियों ने ठोकरों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते गंगा नदी आज बस्तौरा के समीप पहुंच गई
प्रशासन की उपेक्षा के कारण बाद ग्रस्त इलाकों से ग्रामीण पलायन करने को मजबूर है। खासकर जब नदियाँ उफान पर होती हैं और घरों में पानी भर जाता है। खादर क्षेत्र में गंगा का कटान लगातार बड़ता जा रहा है। बस्तौरा गांव पूरी तरह गंगा कटान के मुहाने पर आ चुका है। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के लोग अपना घरबार छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में अपना सामान और मोटरसाइकिल लादकर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। बता दें कि गंगा की बाढ औरकटान के चलते गंगा नदी पिछले कई दिनों से बस्तौरा गांव के मुहाने पर पहुंच गई है।
ग्रामीण प्रशासन से लगातार गंगा में हो रहे कटान को रोकने के साथ
बचाव की गुहार लगा रहे है। लेकिन प्रशासन ग्रामीणों की कोई खबर नही ले रहा। गांव में चारों ओर बाड़ का पानी फैला हुआ है, सड़कें डूब चुकी हैं। ग्रामीण पैदल और ट्रॉली के पानी से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं।
उनका कहना है कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई राहत या बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी जान-माल पर संकट मंडरा रहा है। बस्तौरा गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं और प्रशासन की बेरुखी से अब उन्हें अपने घरों को छोड़ना पड़ रहा है।
सडक को कटान से बचाने को जुटे ग्रामीण
चेतावाला से मखदूमपुर जाने वाले मार्ग पर बस्तोरा के सामने सडक को निशाना बना रहे कटान को रोकने के लिए दामीण जुटे है। ट्रैक्टर ट्राली मे ईंट आदि भरकर सडक मे डाल रहे है। परंतु पानी के तेज बहाव के सामने नहीं लगता है कि कटान को कम कर पायेंगे।











